सोचने, परखने और सही निर्णय लेने की संपूर्ण संस्थापक प्रणाली
लेखक: प्रोफेसर एस. के. जोसेफ
संस्थापक एवं सीईओ, लाइवली मेडिसिटी अकादमी, नई दिल्ली
आपके व्यवसाय की सबसे महँगी गलती अभी हो रही है, और आपको पता भी नहीं।
आज आप कोई निर्णय ले रहे हैं: नया प्रोडक्ट, नई भर्ती, नया शहर, नया निवेश। शायद वह निर्णय किसी सबूत पर नहीं, सिर्फ़ उत्साह पर टिका है। ज़्यादातर व्यवसाय मेहनत की कमी से नहीं डूबते। वे ऐसे निर्णयों से डूबते हैं जिन्हें समय रहते परखा नहीं गया।
बैंक-बैलेंस कम हो, अच्छे कर्मचारी असहमत हों, ग्राहक नाराज़ हो और सामने एक आकर्षक अवसर हो, तब संस्थापक को नारे नहीं चाहिए। उसे सोचने और निर्णय लेने की एक भरोसेमंद प्रणाली चाहिए। यह पुस्तक वही प्रणाली है।
यह पुस्तक आपको क्या देगी?
12 भाग, 72 अध्याय — एक पूरी यात्रा
व्यवसाय शुरू करने की जिम्मेदारी से लेकर विस्तार, बोर्ड, उत्तराधिकार और पीढ़ियों तक चलने वाले संस्थान तक, हर चरण का स्पष्ट रास्ता।
7-दिवसीय प्रयोग और 30-60-90 दिन की कार्ययोजना
हर अध्याय में 7-दिवसीय प्रयोग और 30-60-90 दिन की कार्ययोजना। यह पढ़कर रख देने वाली किताब नहीं है। यह अगले सोमवार से लागू होने वाली कार्यशाला है।
72 विश्व-स्तरीय शोध-संदर्भ
Harvard Business Review, Quarterly Journal of Economics और Management Science जैसी प्रमुख शोध-पत्रिकाओं का ज्ञान, भारतीय संस्थापक की भाषा और ज़मीन पर।
100-बिजनेस-आइडिया एटलस
स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल, लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में परखने योग्य व्यवसाय-विचार, और हर विचार का पहला प्रमाण कैसे जुटाएँ।
12 निर्णय-केस और 10 संस्थापक टूल
निर्णय मेमो, नकदी-चेतावनी, उत्तराधिकार-नक्शा जैसे उपकरण, जिन्हें आप कल की मीटिंग में इस्तेमाल कर सकते हैं।
निर्णय-पत्रिका और संकल्प-पत्र
आपके हर बड़े निर्णय का कारण, प्रमाण और समीक्षा-तिथि एक जगह दर्ज रहती है।
यह पुस्तक आपके लिए है, यदि आप:
- व्यवसाय शुरू करने जा रहे हैं और पहले ही दिन से गलत दिशा से बचना चाहते हैं।
- व्यवसाय चला रहे हैं, पर हर निर्णय अब भी आपके फ़ोन का इंतज़ार करता है।
- बिक्री बढ़ रही है, फिर भी नकदी का दबाव समझ नहीं आता।
- पारिवारिक व्यवसाय को अगली पीढ़ी तक मज़बूती से पहुँचाना चाहते हैं।
इंतज़ार की कीमत सोचिए
हर वह महीना जब आप बिना प्रणाली के निर्णय लेते हैं, उसकी कीमत कहीं न कहीं चुकाई जाती है। कभी गलत भर्ती में, कभी ऐसे ग्राहक में जो लौटकर नहीं आया, कभी उस नकदी में जो समय पर नहीं आई। ₹1,999 की यह पुस्तक एक गलत निर्णय की कीमत का छोटा-सा हिस्सा है।
आपका प्रतियोगी भी आज निर्णय ले रहा है। फ़र्क सिर्फ़ इतना होगा कि कौन प्रमाण के साथ निर्णय लेता है और कौन अनुमान के साथ।
“व्यवसाय की पहली पूंजी पैसा नहीं, वह वचन है जो आप अपने आप से करते हैं।”
— प्रोफेसर एस. के. जोसेफ
छोटा संस्करण — सोशल मीडिया या विज्ञापन के लिए
हर संस्थापक निर्णय लेता है, पर हर संस्थापक के पास निर्णय की प्रणाली नहीं होती। द फादर ऑफ बिजनेस में हैं 72 अध्याय, 7-दिवसीय प्रयोग, 30-60-90 दिन की योजनाएँ और विश्व-स्तरीय शोध, सब सरल हिंदी में। अगला गलत निर्णय लेने से पहले इसे पढ़िए। आज ही ऑर्डर करें।





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